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भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन में हुए तीसरे टेस्ट मैच के बाद अश्विन ने इस निर्णय को सार्वजनिक किया। अपने शानदार करियर में उन्होंने 14 साल तक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।
अश्विन का क्रिकेट करियर
- टेस्ट क्रिकेट में योगदान:
- रविचंद्रन अश्विन ने 106 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 537 विकेट चटकाए।
- उनका गेंदबाजी औसत 24.0 रहा, जो उन्हें भारत के सबसे प्रभावशाली स्पिनर्स में से एक बनाता है।
- बल्लेबाजी में भी उन्होंने 3,500 से ज्यादा रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं।
- ऑलराउंड प्रदर्शन:
- अश्विन ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
- वे उन गिने-चुने खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट और 3,000 रन का मील का पत्थर पार किया है।
- पुरस्कार और रिकॉर्ड्स:
- अपने करियर के दौरान उन्होंने 11 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' खिताब जीते, जो एक बड़ा कीर्तिमान है।
- वे मुथैया मुरलीधरन के इस रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले दूसरे खिलाड़ी बने।
संन्यास की घोषणा
रविचंद्रन अश्विन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने संन्यास का ऐलान करते हुए कहा, "यह सफर मेरे लिए अविस्मरणीय रहा। मैं अपने सभी कोचों, साथियों और प्रशंसकों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे हमेशा समर्थन दिया।" अश्विन ने अपने करियर को यादगार बताते हुए कहा कि वह भविष्य में क्रिकेट के विकास में योगदान देना चाहेंगे।
आगे की योजनाएं
संन्यास के बाद अश्विन ने संकेत दिया है कि वह युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने और खेल से जुड़े रहने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, "अपने अनुभवों को नई पीढ़ी के साथ साझा करना मेरी प्राथमिकता होगी।"
रविचंद्रन अश्विन का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास भारतीय क्रिकेट के लिए एक युग का अंत है। उनका गेंदबाजी कौशल, बल्लेबाजी में योगदान और खेल के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। उनकी उपलब्धियां और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कायम रहेंगे।