Business and share market

Published on: March 31, 2026

कुछ ही दिनों में आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे बदलाव आने वाले हैं, जो शुरुआत में मामूली लगेंगे लेकिन धीरे-धीरे इनका असर आपकी सैलरी, खर्च और सेविंग्स पर साफ दिखने लगेगा। कई नियम चुपचाप लागू हो रहे हैं, जिनके बारे में ज्यादातर लोग अभी अनजान हैं। बैंकिंग, टैक्स, यात्रा और ईंधन—हर क्षेत्र में बदलाव की आहट है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन फैसलों के पीछे असली वजह क्या है और किन लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा? पूरी तस्वीर समझने के लिए आगे पढ़ें।

Published on: February 18, 2026

इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में तेजी से आगे बढ़ती कंपनी अचानक कानूनी विवाद में घिर गई है। गोवा के एक उपभोक्ता की शिकायत ने ऐसा मोड़ लिया कि कंपनी के शीर्ष अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी करना पड़ा। मामला केवल एक स्कूटर की डिलीवरी या रिफंड तक सीमित नहीं है, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है। आयोग की सख्ती और गैरहाज़िरी ने रहस्य और गहरा कर दिया है। अब 23 फरवरी की सुनवाई तय करेगी कि यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

Published on: February 3, 2026

एक कूटनीतिक बातचीत और उसके तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हलचल तेज हो गई। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही शुल्क खींचतान अचानक नए मोड़ पर पहुंच गई है। इस फैसले के पीछे सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि ऊर्जा नीति, वैश्विक संघर्ष और रणनीतिक भरोसे की परतें जुड़ी हैं। बिना किसी पूर्व संकेत के लिया गया यह कदम कई सवाल खड़े करता है—आखिर ऐसा क्या हुआ कि अमेरिका को अपना फैसला बदलना पड़ा? पूरी कहानी परत-दर-परत सामने आती है।

Published on: February 2, 2026

केंद्रीय बजट 2026 पेश होते ही हर घर में चर्चा शुरू हो गई—क्या इस बार राहत मिलेगी या खर्च बढ़ेगा? सरकार के फैसलों ने कुछ मोर्चों पर आम जनता को राहत दी है, तो कुछ जगहों पर झटका भी दिया है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर निवेश और शौक तक, बजट के असर दूरगामी हैं। लेकिन असली तस्वीर एक नजर में साफ नहीं होती। कौन सी चीज़ें सस्ती हुईं और किन पर खर्च बढ़ेगा—इसकी पूरी और स्पष्ट सूची आगे दी गई है।

Published on: January 22, 2026

भारतीय स्टार्टअप जगत में हलचल मचाने वाला फैसला सामने आया है। जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने इटर्नल लिमिटेड में ग्रुप CEO का पद छोड़ दिया है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव भविष्य की तैयारी और फोकस्ड लीडरशिप की जरूरत को देखते हुए किया गया है। इसी के साथ अल्बिंदर ढींडसा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनकी पहचान ब्लिंकिट को स्थिरता की राह पर लाने वाले लीडर के रूप में बनी। मजबूत मुनाफे के बीच लिया गया यह कदम कई बड़े संकेत दे रहा है।

Published on: August 26, 2025

आज के समय में लोन सिर्फ घर, गाड़ी या मोबाइल तक सीमित नहीं है, बल्कि हर छोटी-बड़ी ज़रूरत के लिए आसानी से उपलब्ध है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब शेयर बाजार में निवेश करने के लिए भी लोन लिया जा सकता है?

Published on: August 6, 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के दौरान रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे आम लोगों की EMI पर फिलहाल कोई राहत नहीं मिलेगी। पिछले तीन अवसरों पर कटौती के बाद इस बार रेपो रेट को 5.5% पर स्थिर रखा गया है। आरबीआई के इस फैसले से बैंकों की लोन दरों पर भी असर पड़ेगा। साथ ही, गवर्नर ने मुद्रास्फीति, ग्रामीण उपभोग, GDP ग्रोथ और बैंकिंग सेक्टर की सेहत पर भी प्रमुख बातें साझा कीं, जो इस फैसले की व्यापक पृष्ठभूमि को दर्शाती हैं।

Published on: July 29, 2025

कल्पना कीजिए कि देश की सबसे बड़ी बैंकों में हजारों करोड़ रुपये बिना किसी दावेदार के यूं ही पड़े हों! वित्त मंत्रालय ने जो आंकड़े हाल ही में साझा किए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। जून 2025 की तिमाही तक भारत के बैंकों में कुल ₹67,003 करोड़ ऐसे डिपॉजिट हैं जिन पर किसी ने दावा नहीं किया। इनमें से सबसे ज्यादा पैसा सरकारी बैंकों के पास है, जिसमें एसबीआई सबसे आगे है। सवाल यह उठता है कि ये पैसे किनके हैं और ये इतनी बड़ी राशि आखिर क्यों अनक्लेम्ड रह गई?