Happy Holi 2025: हर राज्य की होली है खास, जानें कहां कैसे मनाया जाता है ये रंगों का त्योहार

Happy Holi 2025

होली, रंगों और खुशियों का त्योहार, भारत में हर साल बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विविधता को भी दर्शाता है। भारत के अलग-अलग राज्यों में होली को अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि कैसे हर राज्य में होली की अपनी एक खास पहचान है।


1. ब्रज की लठमार होली (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में होली का जश्न बेहद अनोखा है। यहां की प्रसिद्ध "लठमार होली" दुनिया भर में मशहूर है। इस परंपरा के अनुसार, महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं, जबकि पुरुष खुद को बचाने की कोशिश करते हैं। यह परंपरा भगवान कृष्ण और राधा की लीला से जुड़ी हुई है। इसके बाद सभी लोग रंगों से खेलते हैं और होली का जश्न मनाते हैं।

 


2. होला मोहल्ला (पंजाब)

पंजाब में होली के अगले दिन "होला मोहल्ला" मनाया जाता है। यह त्योहार सिख समुदाय द्वारा मनाया जाता है और इसमें मार्शल आर्ट्स, घुड़सवारी और अन्य शारीरिक कौशल का प्रदर्शन किया जाता है। यह त्योहार वीरता और साहस का प्रतीक है। अनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला का आयोजन विशेष रूप से प्रसिद्ध है।


3. डोल जात्रा (पश्चिम बंगाल और ओडिशा)

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में होली को "डोल जात्रा" या "डोल पूर्णिमा" के रूप में मनाया जाता है। यहां भगवान कृष्ण और राधा की मूर्तियों को सजाया जाता है और उन्हें डोली में बैठाकर जुलूस निकाला जाता है। लोग रंगों से खेलते हैं और भक्ति गीत गाते हैं। यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।


4. शिगमो (गोवा)

गोवा में होली को "शिगमो" के नाम से जाना जाता है। यह त्योहार वसंत के आगमन और फसल की कटाई का प्रतीक है। इसमें रंगों के साथ-साथ पारंपरिक नृत्य और संगीत का आयोजन किया जाता है। शिगमो गोवा का सबसे बड़ा सांस्कृतिक त्योहार है, जो पूरे राज्य में धूमधाम से मनाया जाता है।

 

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5. रंग पंचमी (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र में होली के पांच दिन बाद "रंग पंचमी" मनाई जाती है। इस दिन लोग एक दूसरे पर रंग और गुलाल डालते हैं और खुशियां मनाते हैं। यह त्योहार विशेष रूप से मुंबई और पुणे में धूमधाम से मनाया जाता है। रंग पंचमी के दिन लोग पारंपरिक गीत गाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं।


6. फगुआ (बिहार और झारखंड)

बिहार और झारखंड में होली को "फगुआ" के नाम से जाना जाता है। यहां लोग पारंपरिक लोक गीत गाते हैं और ढोलक की थाप पर नाचते हैं। होली के दिन लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं। फगुआ का त्योहार बिहार और झारखंड की संस्कृति का अहम हिस्सा है।

 


 

7. याओसांग (मणिपुर)

मणिपुर में होली को "याओसांग" के नाम से जाना जाता है। यह त्योहार पांच दिनों तक चलता है और इसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत और रंगों का खेल शामिल होता है। याओसांग मणिपुर का सबसे बड़ा त्योहार है, जो पूरे राज्य में उत्साह के साथ मनाया जाता है।


8. कमन पांडिगई (तमिलनाडु)

तमिलनाडु में होली को "कमन पांडिगई" के नाम से जाना जाता है। यह त्योहार भगवान कामदेव की याद में मनाया जाता है। लोग रंगों से खेलते हैं और पारंपरिक नृत्य करते हैं। कमन पांडिगई तमिलनाडु की संस्कृति का अहम हिस्सा है।


9. होलिका दहन (पूरे भारत में)

होली से एक दिन पहले "होलिका दहन" किया जाता है। यह परंपरा भक्त प्रह्लाद और होलिका की कथा से जुड़ी हुई है। लोग लकड़ी और उपले इकट्ठा करके होलिका का पुतला बनाते हैं और उसे जलाते हैं। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

 

 

होली का त्योहार भारत की विविधता और एकता को दर्शाता है। हर राज्य में इस त्योहार को मनाने का अपना अनोखा तरीका है, लेकिन सभी जगह यह त्योहार खुशियों और उल्लास का संदेश देता है। हैप्पी होली 2025!

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