
30 मार्च, 2025 का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पन्ने के रूप में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नागपुर स्थित मुख्यालय का दौरा किया। यह दौरा विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि मोदी अटल बिहारी वाजपेयी के बाद संघ मुख्यालय पहुंचने वाले दूसरे सत्तारूढ़ प्रधानमंत्री बन गए हैं। इससे पहले 2002 में वाजपेयी ने और 1970 में इंदिरा गांधी ने RSS मुख्यालय का दौरा किया था।
मोदी का संघ मुख्यालय दौरा: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वैचारिक नींव माना जाता है। हालांकि, प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने संघ मुख्यालय की सार्वजनिक यात्रा नहीं की थी। अटल बिहारी वाजपेयी के बाद मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय जाकर संगठन प्रमुखों से मुलाकात की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब देश में कई महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और भाजपा 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी हुई है।

डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के स्मृति मंदिर में श्रद्धांजलि और माधव नेत्रालय का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के स्मृति मंदिर में श्रद्धांजलि अर्पित की और नागपुर स्थित माधव नेत्रालय का भी दौरा किया, जो भारत में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में से एक है। यहां उन्होंने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया और डॉक्टरों व मरीजों से बातचीत की। मोदी ने नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर भी चर्चा की।
पीएम श्री @narendramodi ने महाराष्ट्र के नागपुर स्थित स्मृति मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार स्मारक पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। pic.twitter.com/uSmoOzXYYg
— BJP (@BJP4India) March 30, 2025
दौरे की प्रमुख विशेषताएं
श्रद्धांजलि समारोह:
प्रधानमंत्री ने सुबह 10 बजे स्मृति मंदिर पहुंचकर डॉ. हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की
इस दौरान RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत और सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले मौजूद रहे
महत्वपूर्ण बैठक:
श्रद्धांजलि के बाद मोदी ने संघ के वरिष्ठ नेताओं के साथ 2 घंटे तक बैठक की
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, युवा रोजगार और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर चर्चा हुई
ऐतिहासिक संदर्भ:
यह दौरा 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पहला औपचारिक संघ-सरकार संवाद था
मोदी ने 2014 और 2019 में भी संघ के कार्यक्रमों में भाग लिया था, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा थी
निष्कर्ष
- प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा संघ और भाजपा के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, स्मृति मंदिर में डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करना उनकी विचारधारा के प्रति सम्मान और राष्ट्रवादी मूल्यों को बढ़ावा देने का संकेत माना जा रहा है।