म्यांमार में भूकंप का कहर: 1000 से अधिक मौतें, सैकड़ों घायल, राहत कार्य जारी

म्यांमार में भूकंप का कहर: 1000 से अधिक मौतें, सैकड़ों घायल, राहत कार्य जारी

म्यांमार में हाल ही में आए भूकंप ने देश को गहरे संकट में डाल दिया है। 28 मार्च 2025 को दोपहर 12:50 बजे, सागाइंग क्षेत्र में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने व्यापक तबाही मचाई। इस भयावह आपदा में 1000 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 2376 से अधिक लोग घायल हुए हैं। भूकंप के झटके थाईलैंड, भारत और बांग्लादेश तक महसूस किए गए। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, और डर के कारण सैकड़ों लोग सड़कों पर निकल आए

आपातकाल घोषित, राहत कार्य तेज

भूकंप के तुरंत बाद, म्यांमार की सेना ने प्रभावित क्षेत्रों मांडले, नेपीताव, सागाइंग, बागो, मैगवे और पूर्वी शान राज्य में आपातकाल की घोषणा कर दी। राहत और बचाव दल तेजी से काम कर रहे हैं, लेकिन मलबे में फंसे लोगों को निकालने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भूकंप के कारण सैकड़ों इमारतें, पुल और सड़कें नष्ट हो गई हैं, जिससे आवागमन बाधित हो गया है।


भारत की ओर से राहत सामग्री और सहायता

म्यांमार को इस संकट की घड़ी में भारत से सहायता मिलने वाली है। भारतीय वायु सेना का सी-130जे विमान 15 टन से अधिक राहत सामग्री लेकर जल्द ही म्यांमार पहुंचेगा। इसमें टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, तैयार भोजन, जल शुद्धिकरण उपकरण, स्वच्छता किट, सौर लैंप, जनरेटर और आवश्यक दवाइयां शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार और थाईलैंड में आई इस आपदा पर गहरी चिंता व्यक्त की और हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है।


भूकंप के बाद भी झटके, लोगों में दहशत

मुख्य भूकंप के बाद भी शुक्रवार रात 11:56 बजे, 4.2 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था, जिससे आफ्टरशॉक्स की संभावना बढ़ गई है। इन झटकों से डरे हजारों लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हो गए।

म्यांमार का बागान क्षेत्र, जो अपने प्राचीन बौद्ध मंदिरों और पगोडाओं के लिए प्रसिद्ध है, भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई धरोहर स्थलों को गंभीर क्षति पहुंची है, जिससे देश की सांस्कृतिक संपदा को भी भारी नुकसान हुआ है। राहत और बचाव दल इन ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं।


भविष्य में और भूकंप का खतरा?

भूवैज्ञानिकों के अनुसार, म्यांमार भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में और झटके महसूस किए जा सकते हैं। नागरिकों को सतर्क रहने और भूकंप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां राहत कार्यों में जुटी हुई हैं, लेकिन हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं


निष्कर्ष: एक बड़ी त्रासदी, पुनर्वास की चुनौती

म्यांमार में आया यह भूकंप हाल के वर्षों में सबसे विनाशकारी आपदाओं में से एक साबित हुआ है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, और उनके पुनर्वास के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। यह आपदा प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सतर्कता और तैयारी की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है। अब यह देखना होगा कि म्यांमार कब तक इस संकट से उबर पाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं

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